लखनऊ में पूरी तरह से सुरक्षित होंगी महिलाएं, ऐसे हिफाजत करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
लखनऊ
राजधानी जल्द ही महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित होगी। चप्पे-चप्पे पर उनकी निगहबानी की जाएगी। यह हिफाजत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए होगी। एआई तकनीक से लैस 200 कैमरे शहर के प्रमुख स्थानों जैसे हजरतगंज, आईजीपी, परिवर्तन चौक, 1090 और सूनी सड़कों पर लगाए जाएंगे। यदि किसी महिला के साथ छेड़खानी होती है, या वह मुसीबत में है तो कैमरे उसको पकड़ लेंगे। तुरंत कंट्रोल रूम का सायरन बज उठेगा। कैमरे से चिह्नित स्थान पर नजदीकी पीआरवी यानी पुलिस की पेट्रोलिंग कार पहुंच जाएगी। कमिश्नर ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। अब एआई सॉफ्टवेयर लागू करने वाली एजेंसी का चयन किया जाएगा।
सेफ सिटी के तहत यह परियोजना लागू की जा रही है। बीते साल महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेफ सिटी परियोजना लागू करने के निर्देश दिए थे। सिर्फ लखनऊ ही नहीं, 17 और जिले ऐसे हैं जहां यह परियोजना लागू की जा रही है। परियोजना के लिए मंडलायुक्तों को जिम्मेदारी दी गई थी। लखनऊ इस मामले में आगे निकल रहा है। कमिश्नर रंजन कुमार ने बताया कि पुलिस कमिश्नर की ओर से परियोजना के लिए 40 तरह की भाव भंगिमाएं बताई गई हैं। इनको सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा। कैमरे और सेंसर इनको देखते ही पहचान लेंगे। इसके लिए महिला डीसीपी के नेतृत्व में पुलिस की टीम काफी समय से मेहनत कर रही थी तब जा कर सफलता मिली।

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